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घनसाली विधानसभा के गंगी गाँव के सभी अनुसूचित परिवारों ने क्यों छोड़ा अपना घरबार, शरण ली तहसील क्षेत्र घनसाली में। देखें वीडियो।

घनसाली :- घनसाली विधानसभा के सबसे दूरस्थ और सीमान्त गाँव गंगी के 28-29 सदस्यों वाले अनुसूचित परिवारों ने घनसाली तहसील क्षेत्र में पिछले 2-3 दिन से डेरा डाला हुवा है। उनका कहना है गाँव के ऊंची जाति के लोगों ने उनको जान से मारने और जिन्दा जलाने की धमकी दी है जिसकी डर की  वजह से अनुसूचित जाति के सभी परिवारों ने अपना गाँव ,घरबार छोड़कर तहसील घनसाली में डेरा डाला  हुआ है। इन सबसे नवजात बच्चों से लेकर ८० अस्सी वर्ष की बुजुर्ग महिला भी है.

पीड़ितों के बयां के अनुसार 1 दिसंबर की रात को उनकी जाति के 17 वर्षीय युवक राकेश के साथ गाँव वालों ने मारपीट की और उसके बाद से उस युवक का कोई अता पता नहीं है। वह जिन्दा है भी या नहीं इसका भी पता नहीं चल पा रहा है।

1 दिसंबर की रात को गाँव में सवर्ण परिवार में एक शादी थी जहाँ पर पीड़ित लोगों के बयानुसार  गाँव के शक्ति नामक आदमी ने राकेश नामक युवक को शराब पिलाई और उसके बाद उसे जबरदस्ती ढोल बजने के लिए कहाँ जिस युवक ने विरोध जताया और वह वहां से भागकर अपने घर आगया,तभी उसके पीछे पीछे गाँव की एक 60 वर्षीय बुजुग महिला उसको शादी में ढोल बजाने के लिए जोर देकर कहने लगी जिस पर राकेश ने फिर विरोध जताया और बुजुर्ग महिला द्वार जोर जबरदस्ती करने पर उसने बुजुर्ग महिला को धक्का देकर वहां से जाने के लिए कहा।

जिसके बाद उक्त महिला गाँव में गयी और राकेश द्वारा की गयी बदतमीजी को गाँव के लोगों बताया जिस पर गाँववाले भड़क गए और सभी महिला पुरुष ,अनुसूचित बस्ती में आकर गाली गलोच और मारपीट पर उतारू हो गए उनका कहना था की उक्त युवक राकेश द्वार बुजुर्ग महिला के साथ बदतमीजी और बलात्कार की कोसिस की गयी , जबकि घटना पर उपस्थित राकेश की भाबी ने उक्त बात को सिरे से नकारते हुवे उन पर जाति के नाम पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।

पीड़ित परिवार की महिला बिजली ,युवक जीतेन्द्र और अमर ने यह बयां दिया की उनको गाँव के  बीजेपी सरकार के समर्थित लोगों ने जान से मारने और जिन्दा जलाने की धमकी देकर कहा है की उनकी सरकार है और वो जो चाहे कर सकते हैं।आप खुद बात की पुस्टि के लिए वीडियो देख कर अनुमान लगा सकते हैं।

थाना प्रभारी इंचार्ज इंस्पेक्टर मोहम्मद अकरम के अनुसार पुलिस बल गाँव में तफ्तीश और जांच के लिए गया हुवा है, ग्राम  प्रधान गंगी से भी संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है.

चूँकि गंगी गाँव एक सीमान्त और दूरस्थ क्षेत्र है और वहां पहुँचने के लिए कम से कम 15 घण्टे का समय लगता है।

पुलिस टीम की जांच के बाद ही घटना की सत्यता का पता चल पायेगा। मौके पर पीड़ित परिवारों के की मदद को पहुंचे पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम लाला त्रिकोटिया ने पीड़ित लोगों को भरसक मादा की उनको खाने के लिए  के लिए कल रात अपनी तरफ से राशन भी उपलब्ध कराया साथ ही साथ आज सुबह की चाय भी पिलाई.

प्रेम लाला त्रिकोटिया जी पीड़ितों के अपनी तरफ से भरसक मदद  कर रहे हैं लोगों का आरोप है की शाशन प्रशासन की तरफ से उन्हें अभी किसिस तरह की मदद नहीं मुहैया करायी गयी है.

देकेहं विडियो जाने पीड़ितों की जुबानी.